Saturday, 22 August 2015

आयुर्वेद चिकित्सक भर्ती का रास्ता निकालने का प्रयास


हाईकोर्ट ने आयुर्वेद चिकित्सक पद के लिए निकली दो अलग-अलग भर्तियों के कारण उत्पन्न विवाद का समाधान निकालने का प्रयास शुरू कर दिया है
जयपुर। हाईकोर्ट ने आयुर्वेद चिकित्सक पद के लिए निकली दो अलग-अलग भर्तियों के कारण उत्पन्न विवाद का समाधान निकालने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसके लिए दोनों भर्तियों के लिए अलग-अलग चयन सूची तैयार कर पेश करने को कहा गया है, लेकिन हिदायत दी है कि पहली सूची में आने वाले अभ्यर्थियों के नाम दूसरी सूची में शामिल नहीं किए जाएं। न्यायाधीश अजय रस्तोगी व न्यायाधीश अनुपिन्दर सिंह ग्रेवाल की खण्डपीठ ने अरूण कुमार राजपूत व अन्य की चार याचिकाओं पर यह अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता श्याम आर्य से कहा है कि एक जून 2013 व एक जुलाई 2013 को अलग-अलग निकली आयुर्वेद चिकित्सक भर्तियों की चयन सूची अलग-अलग तैयार कर 10 सितम्बर से पहले कोर्ट में पेश की जाएं। अब सुनवाई 10 सितम्बर को होगी। याचिकाओं के अनुसार पहले भर्ती के तहत 785 पदों के लिए आवेदन मांगे गए, अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण 778 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई। इस भर्ती में कोर्ट के आदेश पर उन अभ्यर्थियों को भी शामिल किया गया, जिनकी डिग्री तय तारीख तक पूरी नहीं हुई और कुछ ही दिन में पूरी होने वाली थी। इसी बीच एक जुलाई 2013 को फिर भर्ती निकाली गई, उसकी अंतिम तारीख से पहले पिछली भर्ती में कोर्ट के अंतरिम आदेश से शामिल किए गए अभ्यर्थी भी पात्र हो गए। कुछ अभ्यर्थी दोनों में चयनित हो गए। इसके बाद यह विवाद कोर्ट पहुंच गया। कोर्ट ने इसी मामले में दोनों भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों को मिले अंकों के आधार पर अलग-अलग चयन सूचियां तैयार करने को कहा है। इनमें अधिक अंक वालों को पहली सूची में रखने को कहा है और पहली सूची में आने वालों को दूसरी सूची से अलग रखने के निर्देश दिए हैं।

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